नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने करोड़ों खाताधारकों के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। तकनीकी अपग्रेडेशन और डेटाबेस एकीकरण के चलते संगठन की कई ऑनलाइन सेवाएं अस्थायी रूप से प्रभावित हुई हैं। इस दौरान सदस्य न तो नया क्लेम जमा कर सकेंगे और न ही अपनी ई-पासबुक डाउनलोड कर पाएंगे।
EPFO ने इस संबंध में पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर संदेश भेजकर जानकारी दी है। संगठन के अनुसार, सिस्टम को अधिक सक्षम और तेज बनाने के लिए सॉफ्टवेयर और डेटाबेस को अपग्रेड किया जा रहा है, जिसके कारण कुछ सेवाओं को अस्थायी रूप से रोका गया है।
26 जून से प्रभावित हैं कई ऑनलाइन सेवाएं
जारी सूचना के मुताबिक, 26 जून से क्लेम सबमिशन और पासबुक डाउनलोड जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। अपग्रेडेशन प्रक्रिया पूरी होने तक सदस्य इन सेवाओं का उपयोग नहीं कर सकेंगे।
संगठन ने अपने संदेश में बताया है कि तकनीकी कार्य पूरा होने के बाद सेवाओं को फिर से बहाल कर दिया जाएगा। इस अस्थायी असुविधा के लिए EPFO ने खाताधारकों से खेद भी जताया है।
1 जुलाई से सेवाएं बहाल होने की उम्मीद
EPFO का कहना है कि 1 जुलाई 2026 से सभी प्रभावित सेवाएं दोबारा शुरू होने की संभावना है। इसके बाद सदस्य पहले की तरह क्लेम दाखिल कर सकेंगे और अपनी ई-पासबुक भी देख सकेंगे।
तकनीकी अपग्रेडेशन की अवधि के दौरान नए कर्मचारियों के लिए यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) जनरेट करने की प्रक्रिया भी प्रभावित रही है। ऐसे में नई नियुक्तियों से जुड़े कुछ कार्यों में भी देरी हो सकती है।
जरूरत पड़ने पर हेल्पलाइन उपलब्ध
संगठन ने कर्मचारियों और नियोक्ताओं को सलाह दी है कि वे अपने वित्तीय और प्रशासनिक कार्यों की योजना इस अस्थायी व्यवधान को ध्यान में रखते हुए बनाएं। किसी भी प्रकार की सहायता या जानकारी के लिए EPFO का हेल्पलाइन नंबर 14470 सक्रिय रहेगा।
अपग्रेडेशन के बाद मिलेगा बड़ा फायदा
EPFO का मानना है कि तकनीकी सुधार पूरा होने के बाद सेवाओं की गति और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। विशेष रूप से क्लेम निपटान प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज हो सकती है।
वर्तमान में कई मामलों में क्लेम जमा करने से लेकर राशि खाते में पहुंचने तक 20 से 25 दिन का समय लग जाता है। नए सिस्टम के लागू होने के बाद इस अवधि में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही अन्य ऑनलाइन सुविधाएं भी अधिक सुचारु और उपयोगकर्ता-अनुकूल हो सकती हैं।
